|
|
|
|
पहला पुरुष - अन्तिम नारी --डॉ अभि सुवेदी
पहले पुरुष और अन्तिम नारी के बीच की दूरी समय नहीं भर पाता बोली, उच्चरित नहीं होती पहले पुरुष की अन्तिम नारी और अन्तिम नारी के पहले पुरुष के बीच एक आकाश टंगा हुआ है वहां शब्द नहीं हैं, इतिहास नहीं है सिर्फ ‘अब’ है सिर्फ जीवन है सिर्फ पीड़ा का आलिंगन है।
मूल नेपाली से अनुवादः कुमुद अधिकारी |